चौपाल

आए हो तो थोड़ी देर रुक जाओ भई !!!!

एक वाक्य – धर्मवीर भारती फ़रवरी 8, 2009

Filed under: डॉ. धर्मवीर भारती — Satish Chandra Satyarthi @ 9:32 अपराह्न
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चेक बुक हो पीली या लाल,
दाम सिक्के हों या शोहरत –
कह दो उनसे
जो ख़रीदने आए हों तुम्हें
हर भूखा आदमी बिकाऊ नहीं होता है!

१४ जुलाई २००८