चौपाल

आए हो तो थोड़ी देर रुक जाओ भई !!!!

मैं क्यों लिखता हूँ – भवानी प्रसाद मिश्र फ़रवरी 8, 2009

Filed under: भवानी प्रसाद मिश्र — Satish Chandra Satyarthi @ 1:40 अपराह्न
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मैं कोई पचास-पचास बरसों से
कविताएँ लिखता आ रहा हूँ
अब कोई पूछे मुझसे
कि क्या मिलता है तुम्हें ऐसा
कविताएँ लिखने से

जैसे अभी दो मिनट पहले
जब मैं कविता लिखने नहीं बैठा था
तब काग़ज़ काग़ज़ था
मैं मैं था
और कलम कलम
मगर जब लिखने बैठा
तो तीन नहीं रहे हम
एक हो गए

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